आयुर्वेद के मत से प्रमेह होने के कारण क्या हैं?(#Prediabetic)
1)बीजदोष से (Genetic)
2) अपथ्य आहार विहार से
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जात: प्रेमही मधुमेहिनो वा न साध्य उक्त: स हि बीजदोषात् ------------------ असाध्यान् ll चरक चि 6/57
व्दौप्रमेहौ भवत: सहजो s पथ्य निमित्तश्च ll सुश्रुत चि 11/3
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1)बीजदोष(Genetic)- माता पिता के बीज मे प्रमेह करनेवाले दोष के कारण बच्चे को जन्मजात मधुमेह हो जाता हैं l
2) अपथ्य आहार विहार से
–--------- तेषां मेदो मूत्र कफा वहम् ll 1ll
अन्नपानक्रियाजातं यत् प्रायस्तत्प्रवर्तकम् l
प्राय: जो आहार विहार मेद (fat), कफ और मूत्र को बढाने वाले होते हैं वो सब प्रमेह को उत्पन्न करने वाले हैं l
जैसे -मीठा, खट्टा, नमकीन, स्निग्ध पदार्थ, पचन होने मे भारी पदार्थ, चिकने, ठंडे पदार्थ
नये धान्य, सुरा, जलचर प्राणी के मांस, गुड, दूध, दुधसे बने पदार्थ
—--- एक स्थान पर बैठे रहना , सोने का कोई नियम ना होना l
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प्रमेह के लक्षण:-
सभी प्रमेह का सामान्य लक्षण प्रभूत अविल मूत्रता हैl
प्रभूत मात्रा मे और अविल याने रंग मे मलिन, मूत्र प्रवृत्ती होना l
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आयुर्वेद मे 20प्रकारके प्रमेह बताये हैं l
अगर प्रमेह की ठीक से चिकित्सा नहीं की तो सभी 20प्रमेह , मधुमेह में बदल जाते हैं l
मधुमेह मे मध के समान मूत्रप्रवृत्ति होती हैं l
मधु याने मध/शहद
मेह याने मूत्रप्रवृत्ति
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प्रमेह पूर्वरूप :- प्रमेह होने के पहिले शरीर में कुछ लक्षण उत्पन्न होते है, उसे प्रमेह के पूर्वरुप कहते हैं l
पूर्वरुप:-
—- पसीना आना, शरीर दुर्गंधी, शरीर मे ढीलापन , आराम करना, बैठे रहना,नींद , सुखी जीवन की इच्छा होना l
—----- हृदय, आँखें, जीभ , कान मे अधिक मल तयार होना, शरीर भारी लगना
--- केश और नख बहुत जलद गती से बढना ,
---- ठंडी चीजें बहुत पसंद होना ,
---- गले और तालु में सुखापन, मुख में मीठापन ,
--- हाथ पैर में जलन, मूत्र पर चिटियों का आना
ये सब लक्षण भविष्य में प्रमेह होने के संकेत देते हैं l
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मधुमेह शरीर में किस प्रकार से उत्पन्न होता हैं?, (#etiopathology of diabetes)
मधुमेह दो प्रकार से उत्पन्न होता हैं l
,”मधुमेहो मधुसमं, जायते स किल द्विधा ll 18ll
क्रुद्धे धातु क्षयाद्वायौ दोषा वृतपथेsथवा l”
अष्टांग हृदय निदानस्थान 10
1) हमारा शरीर रस रक्त मांस मेद अस्थि मज्जा शुक्र ये सात धातु से बना हैं l ये धातु का पोषण अंश की कमी के कारण उनका क्षय होता हैं l
धातुक्षय के कारण वात बढता हैं, विपरीत कार्य करने लगता हैं l धातुक्षय के कारण क्रुद्ध हुवा वात मूत्राशय को दूषित करता हैं और प्रमेह का कारण बनता हैं l
यह प्रमेह ठीक नहीं होता l
2) अत्यधिक पोषण युक्त, मीठा आदी अन्न खाना, सोने का नियम नहीं होना, आलस से जीवन बिताना आदी कफ, मेद, मूत्र बढाने वाले कारणों से ,
वात पित्त कफ जिस मार्ग से शरीर में बहते हैं उस मार्ग मे बाधा ,अवरोध हो जाता हैं l
बाधा होने के कारण वायु क्रुद्ध होकर बस्ती/मूत्राशय को दूषित कर प्रमेह उत्पन्न करता हैं l
इस प्रकार मे अगर मेद (fat) बहुत दूषित नहीं हुई हो तो यह प्रमेह ठीक होता हैं
साध्यास्तु मेदो यदी नातिदुष्टम् ll41ll अष्टांग हृदय निदानस्थान 10
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आयुर्वेदिक उपचार - अष्टांग हृदय चिकित्सा स्थान 12
प्रमेह रोगी बलवान है तो सर्व प्रथम वमन विरेचन दे l
मसाज के लिये दोष के अनुसार तेल का चयन करे l
वमन विरेचन होने के बाद वात पित्त कफ के अनुसार औषधी काढे का बस्ति दे l
शरीर शुद्ध होने पर मांस सूप/ सत्तू दे l पुन्हा व्याधी न बढे उसके लिये औषध,आहार,विहार के नियम का पालन करे l
**अगर रोगी बलवान नहीं हैं तो वमन,विरेचन नहीं करना सब रोगी को औषध दे l
औषधी:-प्रमेह के लिए अनेक प्रकार के औषधि हैं l
जैसे
-आँवले के रस मे हल्दी मिलाकर थोडा शहद मिलाकर सुबह खाली पेट ले l
- गिलोय के रस मे शहद मिलाकर दे l
- वात पित्त कफ के अनुसार परीक्षण करके औषध का चयन किया जाता हैं l
- नवयास चूर्ण
- धान्वंतर घृत खाने के लिये बरते
- शुद्ध शिलाजीत शास्त्रोक्त नियम से सेवन करे
- प्रमेह मे उद्वर्तन ( रुक्ष चुर्ण मसाज), भरपूर व्यायाम, रात्री जागरण, कफ व मेद (fat) नष्ट करनेवाले औषध और क्रिया करे
– प्रमेह रोगी अगर कृश हैं तो मेद एवं मूत्र न बढे इस प्रकार का आहार और औषधी देकर पुष्ट करे, वजन
बढाये l
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मधु मेहित्व मापन्नो भिषग्भि: परिवर्जित: ll 43 ll
शिला जतुतुलामद्यात्प्र मेहार्त: पुनर्नव: ll 44 lllअष्टांग हृदय चिकित्सा स्थान 12
मधुमेह की अवस्था मे, वैद्य ने भी ठीक न हो पाएगा, असाध्य कह कर रोगी को छोड दिया हो , फिर भी शिलाजीत विधिवत प्रमाण मे खाने से उसका शरीर फिर से नया हो जाता हैं l
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टीप:- आयुर्वेद मे prediabetic के पहले की अवस्था जिसे प्रमेह के पूर्वरुप कहा हैं, अगर यह लक्षण उत्पन्न हो तो तुरंत आहार विहार और औषध के द्वारा प्रमेह - मधुमेह को रोका जा सकता हैं l
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Vd Pratibha Bhave
MD Ayurveda
Sukhkarta Ayurvedic Panchkarma and fertility center Pune
8766740253