पित्त शरीर में यहाँ रहता हैं
नाभी umbilicus
आमाशय stomach and jejunum
स्वेद sweat
लसिका Lymph
रक्त Blood
रस धातू Plasma
आँख Eyes
त्वचा Skin
इन स्थानो मे पित्त रहकर शरीर के कार्य करता रहता हैंl जब पित्त असंतुलित होता हैं तो सबसे पहिले यही स्थान में उसके लक्षण दिखाई देना शुरू होते हैं l
जैसे आँखो में लाल होना, जलन होना.
ॲसिडिटी, शरीर में दाह होना, त्वचा के व्याधी आदी l
नाभी पित्तका विशेष स्थान हैं l
नाभिरामाशयो स्वेदोलसिका रुधिरं रस: l
दृकस्पर्शनं च पित्तस्य नाभिरत्र विशेषत: ll अ. हृ.12/2
पित्त का असंतुलन होता हैं तो आयुर्वेदिक शास्त्र ने विरेचन करने को कहा हैं l
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Vd Pratibha Bhave
BAMS,
MD Ayu obstetrics and gynaecology
Sukhkarta Ayurvedic Panchkarma and fertility center Pune
8766740253
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