Friday, 22 August 2025

शरीर में पित्त के कार्य

 जब पित्त शरीर में संतुलित स्थिती में रहता है 

तो शरीर के लिये उपयोगी काम करता हैं l


असंतुलित होने पर बीमारियों को पैदा करता हैं l


संतुलित पित्त के कार्य:- 

आहार का पाचन करना 

आखों से देखना 

शरीर की उष्मा उचित मात्रा मे बनाये रखना 

शरीर का प्राकृत वर्ण बनाये रखना 

शौर्य, हर्ष,उत्साह, मानसिक प्रसन्नता 


असंतुलित पित्त के कार्य:- 

आहार का पाचन न होना 

ठीक से दिखाई न देना 

कभी बहुत उष्मा या बहुत कम उष्मा होना 

वर्ण विकार उत्पन्न होना 

डर लगना, भयभीत होना,

क्रोध बढना, मोह उत्पन्न होना, उत्साह न होना,

 खिन्न रहना , उदास रहना 


संदर्भ:- च. सूत्रस्थान 12/11

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Vd Pratibha Bhave 

Sukhkarta Ayurvedic Panchkarma and fertility center Pune 

8766740253

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