Friday, 22 August 2025

अच्छी मलप्रवृत्ती के लिये घृत एक उत्तम औषध

 मलप्रवृत्ती का स्वरुप जाठराग्नि याने पाचक अग्नि  पर निर्भर होता है l 


निर्बल अग्नि को बढाने के लिये घृत (घी) स्नेहो मे श्रेष्ठ है l

“स्नेहमेव परं विद्या विद्याद्   दुर्बलानलदीपनम् ll “

अष्टांग संग्रह चि.10/68


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1)मलप्रवृत्ती पतली हो तो :-


अग्नि मंद होने के कारण,कफ की कमी से 

मल अच्छा पक्व होने के बाद भी मलप्रवृत्ती पतली हो तो 


सेंधा नमक और सोंठ घी में मिला ले l 

इस घी को खाना खाते समय थोडा थोडा पिये l 

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2) मलप्रवृत्ती कठिन हो तो:- 

जो व्यक्ती मल कठिन होने के कारण दुःख पूर्वक मलत्याग करता है तो 


सब 5प्रकार के नमक में घृत मिला ले,

भोजन के मध्य मे इस घृत को पिये l

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संदर्भ अष्टांग संग्रह चि.10/69,70,71

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वैद्य प्रतिभा भावे 

8766740253

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